नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 संबंधी
पाबंदियों के चलते पांच फरवरी को होने वाली इंजीनियंिरग परीक्षा में स्रातक
योग्यता परीक्षा (गेट) को स्थगित करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम
नाथ की पीठ ने कहा कि निर्धारित परीक्षा से 48 घंटे पहले गेट परीक्षा को
स्थगित करने से अराजकता एवं अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न होगी और वह उन
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, जिन्होंने इसके लिए तैयारी
की है।
पीठ ने कहा कि यह शिक्षण नीति का मामला है कि कब परीक्षा होनी चाहिए और
अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि नौ लाख छात्र यह
परीक्षा देने वाले हैं और करीब 20,000 छात्रों ने इसे स्थगित करने के संबंध
में आॅनलाइन याचिका का समर्थन किया है।
पीठ ने कहा, ‘‘ छात्रों ने इसके लिए तैयारी की है और अदालत परीक्षा
स्थगित करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती।’’ शीर्ष अदालत गेट
परीक्षा स्थगित करने संबंधी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को
बुधवार को सहमत हुई थी।
याचिका में कहा गया कि 200 केन्द्रों पर नौ लाख छात्र परीक्षा देंगे, लेकिन
अधिकारियों ने परीक्षा आयोजित करने के लिए कोविड-19 संबंधी कोई
दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं।
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 संबंधी
पाबंदियों के चलते पांच फरवरी को होने वाली इंजीनियंिरग परीक्षा में स्रातक
योग्यता परीक्षा (गेट) को स्थगित करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम
नाथ की पीठ ने कहा कि निर्धारित परीक्षा से 48 घंटे पहले गेट परीक्षा को
स्थगित करने से अराजकता एवं अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न होगी और वह उन
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, जिन्होंने इसके लिए तैयारी
की है।
पीठ ने कहा कि यह शिक्षण नीति का मामला है कि कब परीक्षा होनी चाहिए और
अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि नौ लाख छात्र यह
परीक्षा देने वाले हैं और करीब 20,000 छात्रों ने इसे स्थगित करने के संबंध
में आॅनलाइन याचिका का समर्थन किया है।
पीठ ने कहा, ‘‘ छात्रों ने इसके लिए तैयारी की है और अदालत परीक्षा
स्थगित करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकती।’’ शीर्ष अदालत गेट
परीक्षा स्थगित करने संबंधी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को
बुधवार को सहमत हुई थी।
याचिका में कहा गया कि 200 केन्द्रों पर नौ लाख छात्र परीक्षा देंगे, लेकिन
अधिकारियों ने परीक्षा आयोजित करने के लिए कोविड-19 संबंधी कोई
दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं।



Journalist खबरीलाल














