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news queenstown:: न्यूजीलैंड में खेल मनोवैज्ञानिक की मौजूदगी से मदद मिली: मिताली:

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क्वींसटाउन. भारतीय वनडे टीम की कप्तान मिताली राज ने
कहा कि टीम को न्यूजीलैंड दौरे पर खेल मनोवैज्ञानिक की मौजूदगी से काफी
फायदा मिला और कोरोना काल में इस तरह की पेशेवर मदद जरूरी है । खेल
मनोवैज्ञानिक मुग्धा बवारे टीम के साथ दो महीने के न्यूजीलैंड दौरे पर है ।



मिताली ने पहले भी कहा था कि नाकआउट मैचों का दबाव झेलने के लिये
मनोवैज्ञानिक की जरूरत है और अब बायो बबल के बीच खेली जा रही श्रृंखलाओं
में तो यह जरूरत बढ गई है । उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच से
पूर्व कहा ,‘‘ आज के दौर में लंबे दौरों, पृथकवास और बायो बबल के बीच यह
जरूरत और बढ गई है । यह दो महीने का दौरा है जिसमें वनडे श्रृंखला और विश्व
कप भी है । ऐसे में खेल मनोवैज्ञानिक के साथ व्यक्तिगत सत्र काफी अहम है
।’’



उन्होंने कहा ,‘‘ इससे आपको खुद को समझने में मदद मिलती है ताकि आप दबाव
और पृथकवास का सामना बेहतर ढंग से कर सकें ।’’ भारतीय टीम क्राइस्टचर्च
में दस दिन के पृथकवास के बाद यहां पहुंची है । यह पूछने पर कि पृथकवास में
उन्होंने क्या किया, मिताली ने कहा ,‘‘ मैं किताबें पढती हूं, पहेलियां
सुलझाती हूं और क्रिकेट से इतर दूसरी चीजों पर ध्यान केंद्रित करती हूं ।’’



क्वींसटाउन. भारतीय वनडे टीम की कप्तान मिताली राज ने
कहा कि टीम को न्यूजीलैंड दौरे पर खेल मनोवैज्ञानिक की मौजूदगी से काफी
फायदा मिला और कोरोना काल में इस तरह की पेशेवर मदद जरूरी है । खेल
मनोवैज्ञानिक मुग्धा बवारे टीम के साथ दो महीने के न्यूजीलैंड दौरे पर है ।



मिताली ने पहले भी कहा था कि नाकआउट मैचों का दबाव झेलने के लिये
मनोवैज्ञानिक की जरूरत है और अब बायो बबल के बीच खेली जा रही श्रृंखलाओं
में तो यह जरूरत बढ गई है । उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच से
पूर्व कहा ,‘‘ आज के दौर में लंबे दौरों, पृथकवास और बायो बबल के बीच यह
जरूरत और बढ गई है । यह दो महीने का दौरा है जिसमें वनडे श्रृंखला और विश्व
कप भी है । ऐसे में खेल मनोवैज्ञानिक के साथ व्यक्तिगत सत्र काफी अहम है
।’’



उन्होंने कहा ,‘‘ इससे आपको खुद को समझने में मदद मिलती है ताकि आप दबाव
और पृथकवास का सामना बेहतर ढंग से कर सकें ।’’ भारतीय टीम क्राइस्टचर्च
में दस दिन के पृथकवास के बाद यहां पहुंची है । यह पूछने पर कि पृथकवास में
उन्होंने क्या किया, मिताली ने कहा ,‘‘ मैं किताबें पढती हूं, पहेलियां
सुलझाती हूं और क्रिकेट से इतर दूसरी चीजों पर ध्यान केंद्रित करती हूं ।’’



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