कोरोना का उत्पात अभी भी नहीं थम रहा है। अब नया वैरिएंट "ओमिक्रोन" ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है जबकि रिपोर्ट्स कह रहे हैं कि ये वैरिएंट बहुत ही द्रुत गति से फैलता है लेकिन इससे मृत्यु होने की आशंका कम है। लेकिन आशंका तो है। कल यानी 2019 के आखरी से 2020 तक सभी ने प्रथम लहर को देखा, 2021 में कोरोना का भयावह रूप दूसरी लहर के रूप मार्च-अप्रैल-मई में देखने को मिला जिसमे अधिकतर लोगों की जाने गई, हॉस्पिटल फूल, ऑक्सीजन की हुई कमी और रेन्डेसीवीर इंजेक्शन ब्लैक में बेची गई।
कोरोना के दोनों लहरों में लाखों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। अब कल को ओमिक्रोन वैरिएंट क्या रूप लेगा ये कोई नहीं जानता। अभी से नाईट कर्फ्यू लगाने हेतु केंद्र में बातचीत चल रही है। खतरनाक वे लोग हैं जो विदेश से आने के बाद ट्रेस नहीं हो रहे हैं। सरकार ने तो पुख्ता व्यवस्था किये हुए हैं लेकिन पढ़े लिखे लोग जब अनपढ़ों की तरह व्यवहार करें तो इन्हें कानूनन सजा मिलनी चाहिए।
आगामी दिनों में कई राज्यों में चुनाव हैं, स्कूलों को फुलटाइम खोल दिया गया है लेकिन आज भी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं जो किसी खतरे से कम नही है। कल क्या होगा ये भविष्य के गर्त में है लेकिन लोगों को सुरक्षा उपाय लेकर चलना होगा नहीं तो कल और भी ज्यादा कुछ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रत्येक लोग जागरूक नागरिक का परिचय देंगे तो कल सुखमय हो सकता है।
कोरोना का उत्पात अभी भी नहीं थम रहा है। अब नया वैरिएंट "ओमिक्रोन" ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है जबकि रिपोर्ट्स कह रहे हैं कि ये वैरिएंट बहुत ही द्रुत गति से फैलता है लेकिन इससे मृत्यु होने की आशंका कम है। लेकिन आशंका तो है। कल यानी 2019 के आखरी से 2020 तक सभी ने प्रथम लहर को देखा, 2021 में कोरोना का भयावह रूप दूसरी लहर के रूप मार्च-अप्रैल-मई में देखने को मिला जिसमे अधिकतर लोगों की जाने गई, हॉस्पिटल फूल, ऑक्सीजन की हुई कमी और रेन्डेसीवीर इंजेक्शन ब्लैक में बेची गई।
कोरोना के दोनों लहरों में लाखों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। अब कल को ओमिक्रोन वैरिएंट क्या रूप लेगा ये कोई नहीं जानता। अभी से नाईट कर्फ्यू लगाने हेतु केंद्र में बातचीत चल रही है। खतरनाक वे लोग हैं जो विदेश से आने के बाद ट्रेस नहीं हो रहे हैं। सरकार ने तो पुख्ता व्यवस्था किये हुए हैं लेकिन पढ़े लिखे लोग जब अनपढ़ों की तरह व्यवहार करें तो इन्हें कानूनन सजा मिलनी चाहिए।
आगामी दिनों में कई राज्यों में चुनाव हैं, स्कूलों को फुलटाइम खोल दिया गया है लेकिन आज भी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं जो किसी खतरे से कम नही है। कल क्या होगा ये भविष्य के गर्त में है लेकिन लोगों को सुरक्षा उपाय लेकर चलना होगा नहीं तो कल और भी ज्यादा कुछ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रत्येक लोग जागरूक नागरिक का परिचय देंगे तो कल सुखमय हो सकता है।



Journalist खबरीलाल














