धमतरी। सोंढूर बांध में नाव पलटने से 1 अप्रैल को बिंदिया
नागेश और मोनिका नेताम पानी में दो डूब गई थी। सीता राम मरकाम महेश्वर
मरकाम पावेश ठाकुर और फुलेश्वरी नेताम मानकी नेताम किसी तरह तैरकर पानी से
बाहर निकले और अपनी जान बचाई। पुलिस गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से लापता
दोनों युवतियों की तलाश कर रही थी। 1 अप्रैल को शाम के सूर्यास्त होते तक दोनों लापता युवतियों की पानी
में तलाश की गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला 2 अप्रैल को सुबह से दोनों
युवतियों को ढूंढने पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया दोपहर में
बिंदिया नागेश का शव पानी से बाहर निकाला गया। मोनिका नेताम का शव तीन
अप्रैल कि सुबह पानी से निकाला गया। काफी मशक्कत के बाद भी शव नहीं मिलने
के बाद मोटर बोट मंगाकर डूबने के संभावित जगह पर बार-बार चलाया गया।
युवतियां अपने रिश्तेदार के यहां ग्राम बेलरबाहरा शादी कार्यक्रम में आए
थे। बेलरबाहरा से सोंढूर बांध लगा हुआ है। इसलिए सभी सोंढूर बांध में सैर
सपाटा के लिए पहुंचे। बांध के किनारे मछुआरों की नाव खड़ी थी, जिसे देखकर
नाव में सवार होकर सभी लोग गहरे पानी में चले गए। पानी
में सैर करने के दौरान नाव के अंदर पानी भरने लगा। नाव में पानी भरता देख
नाव को जल्दी-जल्दी खेते हुए किनारे लाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान दो
युवक पानी में कूद गए। इसके बाद नाव पलट गई। किसी तरह तैरकर दो युवतियां और
तीन युवकों ने पानी के किनारे पहुंचकर अपनी जान बचा ली। मोनिका नेताम और
बिंदिया नागेश पानी में डूब गई थी।
प्रभारी मथुरा सिंह ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे। शुरुआत में पुलिस के
गोताखोरों की मदद से दोनों लापता युवतियों की तलाश की गई। इसके बाद
एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।छपुलिस के गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम
दोनों युवतियों की तलाश सोंढूर बांध के पानी में युद्ध स्तर पर कर रहे थे।
धमतरी। सोंढूर बांध में नाव पलटने से 1 अप्रैल को बिंदिया
नागेश और मोनिका नेताम पानी में दो डूब गई थी। सीता राम मरकाम महेश्वर
मरकाम पावेश ठाकुर और फुलेश्वरी नेताम मानकी नेताम किसी तरह तैरकर पानी से
बाहर निकले और अपनी जान बचाई। पुलिस गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से लापता
दोनों युवतियों की तलाश कर रही थी। 1 अप्रैल को शाम के सूर्यास्त होते तक दोनों लापता युवतियों की पानी
में तलाश की गई लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला 2 अप्रैल को सुबह से दोनों
युवतियों को ढूंढने पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाया दोपहर में
बिंदिया नागेश का शव पानी से बाहर निकाला गया। मोनिका नेताम का शव तीन
अप्रैल कि सुबह पानी से निकाला गया। काफी मशक्कत के बाद भी शव नहीं मिलने
के बाद मोटर बोट मंगाकर डूबने के संभावित जगह पर बार-बार चलाया गया।
युवतियां अपने रिश्तेदार के यहां ग्राम बेलरबाहरा शादी कार्यक्रम में आए
थे। बेलरबाहरा से सोंढूर बांध लगा हुआ है। इसलिए सभी सोंढूर बांध में सैर
सपाटा के लिए पहुंचे। बांध के किनारे मछुआरों की नाव खड़ी थी, जिसे देखकर
नाव में सवार होकर सभी लोग गहरे पानी में चले गए। पानी
में सैर करने के दौरान नाव के अंदर पानी भरने लगा। नाव में पानी भरता देख
नाव को जल्दी-जल्दी खेते हुए किनारे लाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान दो
युवक पानी में कूद गए। इसके बाद नाव पलट गई। किसी तरह तैरकर दो युवतियां और
तीन युवकों ने पानी के किनारे पहुंचकर अपनी जान बचा ली। मोनिका नेताम और
बिंदिया नागेश पानी में डूब गई थी।
प्रभारी मथुरा सिंह ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे। शुरुआत में पुलिस के
गोताखोरों की मदद से दोनों लापता युवतियों की तलाश की गई। इसके बाद
एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।छपुलिस के गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम
दोनों युवतियों की तलाश सोंढूर बांध के पानी में युद्ध स्तर पर कर रहे थे।



Journalist खबरीलाल














