रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में समाज
सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर
उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। श्री बघेल ने कहा कि
महात्मा फुले समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करना चाहते थे। वे
भारतीय समाज में प्रचलित जाति व्यवस्था और उस पर आधारित भेदभाव के प्रबल
विरोधी थे। उन्होंने महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए।
दलितों के प्रति भेद-भाव समाप्त कर उन्हें समाज में स्थान दिलाने के लिए
महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि महात्मा फुले ने समाज को कुरीतियों से
मुक्ति दिलाने के लिए सभी वर्गों की शिक्षा पर बल दिया। उन्होंने महिला
शिक्षा को भी बढ़ावा दिया और अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सावित्रीबाई फुले को
शिक्षा प्रदान की, जो भारत की पहली अध्यापिका बनीं। उन्होंने कहा कि
महात्मा ज्योतिबा फुले की सेवा भावना और विचार मूल्य हमें सदा दीन-दुखियों
की सेवा और समाज में समता स्थापित करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में समाज
सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर
उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। श्री बघेल ने कहा कि
महात्मा फुले समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करना चाहते थे। वे
भारतीय समाज में प्रचलित जाति व्यवस्था और उस पर आधारित भेदभाव के प्रबल
विरोधी थे। उन्होंने महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए।
दलितों के प्रति भेद-भाव समाप्त कर उन्हें समाज में स्थान दिलाने के लिए
महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि महात्मा फुले ने समाज को कुरीतियों से
मुक्ति दिलाने के लिए सभी वर्गों की शिक्षा पर बल दिया। उन्होंने महिला
शिक्षा को भी बढ़ावा दिया और अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सावित्रीबाई फुले को
शिक्षा प्रदान की, जो भारत की पहली अध्यापिका बनीं। उन्होंने कहा कि
महात्मा ज्योतिबा फुले की सेवा भावना और विचार मूल्य हमें सदा दीन-दुखियों
की सेवा और समाज में समता स्थापित करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।



Journalist खबरीलाल














