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Mumbai (खबरीलाल न्यूज़) :: पंचतत्व में विलीन हुईं आशा ताई, राजकीय सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई :

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अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वालीं दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। आशा भोसले को शनिवार शाम को सीने में संक्रमण और कमजोरी के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को किया गया। सुबह 11 बजे से उनका पार्थिव शरीर लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में अंतिम श्रद्धांजलि के लिए रखा गया। उनका अंतिम संस्कार शाम करीब 5:15 बजे शिवाजी पार्क में किया गया।

आशा भोसले का विवाह 16 वर्ष की आयु में 1949 में गणपतराव भोसले से हुआ था और बाद में उन्होंने अपने सहयोगी एवं संगीतकार आर डी बर्मन से विवाह किया। उनके परिवार में बेटे आनंद और पोते-पोतियां हैं।

आठ सितंबर, 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को अपनी बहन की तरह ही उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी थी। कई पुरस्कारों से सम्मानित आशा भोसले एक सफल उद्यमी भी थीं। उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में ‘आशा’ नाम से लोकप्रिय रेस्तरां चलाया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य संगीत सम्मानों से नवाजा गया।

आशा भोसले के लोकप्रिय गीतों में ‘अभी न जाओ छोड़ कर’, ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दुनिया में लोगों को’ और ‘जरा सा झूम लूं मैं’ जैसे गाने शामिल हैं। उन्होंने पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।

आशा भोसले ने अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गीत रिकॉर्ड किए। उन्होंने कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

अभिनेत्री हेलेन दिग्गज गायिका आशा भोसले को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचीं और पर्दे पर उनके अभिनय को परिभाषित करने वाली उनकी सुरीली आवाज के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आशा भोसले की वजह से ही वह आज इस मुकाम पर हैं और उन्होंने कहा कि दिग्गज गायिका सचमुच उनकी आवाज थीं। एक भावुक श्रद्धांजलि में उन्होंने भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और अटूट संबंध को उजागर किया।



अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वालीं दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। आशा भोसले को शनिवार शाम को सीने में संक्रमण और कमजोरी के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को किया गया। सुबह 11 बजे से उनका पार्थिव शरीर लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में अंतिम श्रद्धांजलि के लिए रखा गया। उनका अंतिम संस्कार शाम करीब 5:15 बजे शिवाजी पार्क में किया गया।

आशा भोसले का विवाह 16 वर्ष की आयु में 1949 में गणपतराव भोसले से हुआ था और बाद में उन्होंने अपने सहयोगी एवं संगीतकार आर डी बर्मन से विवाह किया। उनके परिवार में बेटे आनंद और पोते-पोतियां हैं।

आठ सितंबर, 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को अपनी बहन की तरह ही उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी थी। कई पुरस्कारों से सम्मानित आशा भोसले एक सफल उद्यमी भी थीं। उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में ‘आशा’ नाम से लोकप्रिय रेस्तरां चलाया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य संगीत सम्मानों से नवाजा गया।

आशा भोसले के लोकप्रिय गीतों में ‘अभी न जाओ छोड़ कर’, ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दुनिया में लोगों को’ और ‘जरा सा झूम लूं मैं’ जैसे गाने शामिल हैं। उन्होंने पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।

आशा भोसले ने अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में 12,000 से ज्यादा गीत रिकॉर्ड किए। उन्होंने कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

अभिनेत्री हेलेन दिग्गज गायिका आशा भोसले को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचीं और पर्दे पर उनके अभिनय को परिभाषित करने वाली उनकी सुरीली आवाज के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आशा भोसले की वजह से ही वह आज इस मुकाम पर हैं और उन्होंने कहा कि दिग्गज गायिका सचमुच उनकी आवाज थीं। एक भावुक श्रद्धांजलि में उन्होंने भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और अटूट संबंध को उजागर किया।



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