सक्ती 14 अप्रैल 2026। सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में एक बड़े औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है, जहां बॉयलर फटने से भारी तबाही मच गई। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में नियमित कार्य चल रहा था। अचानक तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया, जिससे आसपास काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि दूर तक इसकी आवाज सुनी गई और मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
हादसे में करीब 30 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, 7 से 10 लोगों की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई। घायल मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्लांट प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी तुरंत बुलाया गया, जिन्होंने घायलों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट के अंदर धुआं और आग फैल गई थी, जिससे हालात और भी भयावह हो गए। कई कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में चूक की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
सक्ती 14 अप्रैल 2026। सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में एक बड़े औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई है, जहां बॉयलर फटने से भारी तबाही मच गई। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में नियमित कार्य चल रहा था। अचानक तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया, जिससे आसपास काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि दूर तक इसकी आवाज सुनी गई और मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
हादसे में करीब 30 से 40 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, 7 से 10 लोगों की मौत की खबरें भी सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना के बाद प्लांट में अफरातफरी मच गई। घायल मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्लांट प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी तुरंत बुलाया गया, जिन्होंने घायलों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट के अंदर धुआं और आग फैल गई थी, जिससे हालात और भी भयावह हो गए। कई कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों में चूक की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।



Journalist खबरीलाल














