Shreekant Jaiswal Koriya
बैकुठपुर/जिला के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के पार्क परिक्षेत्र जनकपुर का मामला जहां टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद से कई प्रकार के करोड़ों रुपए के काम चालू है जैसे तालाब निर्माण कार्य,स्टॉप डेम और सड़क निर्माण कार्य। जहां कई पेड़ों को काट दिया गया वही निर्माण कार्य में जेसीबी और ट्रैक्टर का उपयोग किया जा रहा है। जोकि छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव और जशपुर से मंगाए गए हैं। जिसका विरोध यहां की आम जनता कर रही है की यह निर्माण कार्य के लिए यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए मगर उसके विपरीत पार्क परिक्षेत्र जनकपुर के द्वारा बाहर के लोगों से मशीनों द्वारा कार्य कराया जा रहा है। और आश्चर्य की बात तो यह है कि जब मीडिया कर्मियों के द्वारा उक्त जगह पर कवरेज करने जाया गया तो उन्हें पार्क परीक्षेत्र जनकपुर के बाहर ही रोक दिया गया और कहा गया कि उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर आएं।जो कई प्रकार के अनियमितता को दर्शाता है।
इस मामले में हमारी बात जब स्थानीय जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 10 के चंद्र प्रताप सिंह से बात हुई तो उनके द्वारा उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि यह कार्य उच्च अधिकारियों के सेटिंग पर चल रहा है जिसका कोई टेंडर नहीं हुआ है और बाहरी ठेकेदार जो कि पत्थलगांव और जशपुर से आकर यह कार्य करवा रहे हैं। यहां कई छोटे-मोटे पेड़ों को भी काटा जा रहा है और तालाब निर्माण करवाया जा रहा है जिससे जंगल को भारी नुकसान हो रहा है। वही जनपद सदस्य ने बताया कि गर्मियों में जब जंगलों में आग लग जाती है तो स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा ही आग बुझाने का कार्य किया जाता है। तो फिर आखिर स्थानीय लोगों को काम क्यों नहीं दिया जा रहा है।
Shreekant Jaiswal Koriya
बैकुठपुर/जिला के गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के पार्क परिक्षेत्र जनकपुर का मामला जहां टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद से कई प्रकार के करोड़ों रुपए के काम चालू है जैसे तालाब निर्माण कार्य,स्टॉप डेम और सड़क निर्माण कार्य। जहां कई पेड़ों को काट दिया गया वही निर्माण कार्य में जेसीबी और ट्रैक्टर का उपयोग किया जा रहा है। जोकि छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव और जशपुर से मंगाए गए हैं। जिसका विरोध यहां की आम जनता कर रही है की यह निर्माण कार्य के लिए यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए मगर उसके विपरीत पार्क परिक्षेत्र जनकपुर के द्वारा बाहर के लोगों से मशीनों द्वारा कार्य कराया जा रहा है। और आश्चर्य की बात तो यह है कि जब मीडिया कर्मियों के द्वारा उक्त जगह पर कवरेज करने जाया गया तो उन्हें पार्क परीक्षेत्र जनकपुर के बाहर ही रोक दिया गया और कहा गया कि उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर आएं।जो कई प्रकार के अनियमितता को दर्शाता है।
इस मामले में हमारी बात जब स्थानीय जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 10 के चंद्र प्रताप सिंह से बात हुई तो उनके द्वारा उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि यह कार्य उच्च अधिकारियों के सेटिंग पर चल रहा है जिसका कोई टेंडर नहीं हुआ है और बाहरी ठेकेदार जो कि पत्थलगांव और जशपुर से आकर यह कार्य करवा रहे हैं। यहां कई छोटे-मोटे पेड़ों को भी काटा जा रहा है और तालाब निर्माण करवाया जा रहा है जिससे जंगल को भारी नुकसान हो रहा है। वही जनपद सदस्य ने बताया कि गर्मियों में जब जंगलों में आग लग जाती है तो स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा ही आग बुझाने का कार्य किया जाता है। तो फिर आखिर स्थानीय लोगों को काम क्यों नहीं दिया जा रहा है।



Journalist खबरीलाल














