रायपुर. इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के कचरे का निष्पादन
करने के लिए नगर निगम ने एक अलग एजेंसी तय कर दी है. लंबे समय से चल रही
इसकी कवायद के बाद अब इसी महीने से एजेंसी के टॉलफ्री नंबर पर फोन करने के
बाद ई-कचरा लेने एजेंसी के लोग आएंगे और इसके बदले नागरिकों को पैसे भी
मिलेंगे. आमतौर पर कबाड़ी कम्प्यूटर्स, टीवी, पंखे, मोबाइल और कैलकुलेटर के
साथ ही रिमोट आदि के कचरे को जलाकर उससे तांबा, एल्युमिनियम और लोहा तो
निकाल लेते हैं. लेकिन प्लास्टिक आदि के साथ लेड व पारा आदि जलकर वातावरण
में रह जाते हैं. निगम आयुक्त प्रभात मलिक ने बताया इसी से निबटने के लिए
महापौर एजाज ढेबर व स्वास्थ्य विभाग एमआईसी नागभूषण राव के अनुमोदन उपरांत
एजेंसी तय कर दी गई. अब ई-कचरे लेने का काम इसी महीने से शुरू कर दिया
जाएगा. आयुक्त ने ई-कचरे पर हुए सर्वेक्षण पर कहा कि अकेले रायपुर से ही
महीने में कम से कम 70 किग्रा ई-कचरा निकलता है. यहां के इलेक्ट्रॉनिक
मार्केट इसके प्रमुख स्त्रोत हैं. इसके अलावा घर में खराब इलेक्ट्रॉनिक्स
के पार्ट डस्टबिन में फेंके जा रहे हैं.
रायपुर. इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के कचरे का निष्पादन
करने के लिए नगर निगम ने एक अलग एजेंसी तय कर दी है. लंबे समय से चल रही
इसकी कवायद के बाद अब इसी महीने से एजेंसी के टॉलफ्री नंबर पर फोन करने के
बाद ई-कचरा लेने एजेंसी के लोग आएंगे और इसके बदले नागरिकों को पैसे भी
मिलेंगे. आमतौर पर कबाड़ी कम्प्यूटर्स, टीवी, पंखे, मोबाइल और कैलकुलेटर के
साथ ही रिमोट आदि के कचरे को जलाकर उससे तांबा, एल्युमिनियम और लोहा तो
निकाल लेते हैं. लेकिन प्लास्टिक आदि के साथ लेड व पारा आदि जलकर वातावरण
में रह जाते हैं. निगम आयुक्त प्रभात मलिक ने बताया इसी से निबटने के लिए
महापौर एजाज ढेबर व स्वास्थ्य विभाग एमआईसी नागभूषण राव के अनुमोदन उपरांत
एजेंसी तय कर दी गई. अब ई-कचरे लेने का काम इसी महीने से शुरू कर दिया
जाएगा. आयुक्त ने ई-कचरे पर हुए सर्वेक्षण पर कहा कि अकेले रायपुर से ही
महीने में कम से कम 70 किग्रा ई-कचरा निकलता है. यहां के इलेक्ट्रॉनिक
मार्केट इसके प्रमुख स्त्रोत हैं. इसके अलावा घर में खराब इलेक्ट्रॉनिक्स
के पार्ट डस्टबिन में फेंके जा रहे हैं.



Journalist खबरीलाल














