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news raipur:: नवा रायपुर जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर डटे हैं किसान:

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रायपुर । नवा रायपुर प्रभावित
किसान कल्याण समिति ने जमीन के मुआवजे की मांग को की मांगों को लेकर
गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिलने के लिए माना एयरपोर्ट की
ओर कूच किया था। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही छावनी में
तब्दील कर दिया था। जगह-जगह बेरिकेड लगा दिया। फिर भी राहुल गांधी से मिलने
के लिए अड़े किसान नारेबाजी करते हुए पैदल ही एयरपोर्ट जाने के लिए निकल
गए।


इस दौरान दो से तीन जगहों में पुलिस और किसानों के बीच जमकर
नोंकझोक हुई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। दूसरी
ओर प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माना एयरपोर्ट में 10
किसान नेताओं से मांगों को लेकर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि
मांगों को लेकर जल्द निराकरण किया जाएगा। दूसरी ओर किसानों ने अपना
प्रदर्शन स्थगित नहीं किया है। किसानों ने कहा प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

बैरिकेड लगाने से आक्रोशित किसानों ने की थी नारेबाजी

जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन ने किसानों के आक्रोश को देखते हुए पहले
कयाबांधा गांव के थोड़ा आगे बेरिकेड लगाया। किसान बेरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए।
इसके बाद पुलिस ने बरौदा गांव के पास बेरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का
प्रयास किया, लेकिन किसान रुके नहीं। लेकिन एयरपोर्ट से कुछ दूर पहले पुलिस
ने तगड़ा बेरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान नाराज किसानों ने
शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


किसान नेताओं का आंदोलन जारी रहेगा

किसान
नेता तेजराम विद्रोही, रूपन चंद्राकर ने बताया कि राहुल गांधी के छत्तीसगढ़
आगमन को देखते हुए मुलाकात करने के लिए पहले से ही पत्र भेजा था, लेकिन
राज्य शासन ने मिलने का समय नहीं दिया। इसके बाद भी अपनी मांगों को लेकर
जानकारी देने के लिए माना एयरपोर्ट में मुलाकात करके ज्ञापन सौंपना चाहते
थे। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज करके आंदोलन को खत्म
करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। आगे आंदोलन
जारी रहेगा।


इन मांगों को लेकर प्रदर्शन

2005 से
स्वतंत्र भूमि क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाने,
प्रभावित 27 गांव को घोषित नगरीय क्षेत्र की अधिसूचना निरस्त करने, ग्रामीण
बसाहट का पट्टा दिए जाने, प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक वयस्क (18 साल से
ऊपर) को 1,200 वर्गफीट विकसित भूखंड का वितरित करने, मुआवजा प्राप्त नहीं
हुए भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजा का प्रविधान की मांग है।



रायपुर । नवा रायपुर प्रभावित
किसान कल्याण समिति ने जमीन के मुआवजे की मांग को की मांगों को लेकर
गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मिलने के लिए माना एयरपोर्ट की
ओर कूच किया था। पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही छावनी में
तब्दील कर दिया था। जगह-जगह बेरिकेड लगा दिया। फिर भी राहुल गांधी से मिलने
के लिए अड़े किसान नारेबाजी करते हुए पैदल ही एयरपोर्ट जाने के लिए निकल
गए।


इस दौरान दो से तीन जगहों में पुलिस और किसानों के बीच जमकर
नोंकझोक हुई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। दूसरी
ओर प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माना एयरपोर्ट में 10
किसान नेताओं से मांगों को लेकर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि
मांगों को लेकर जल्द निराकरण किया जाएगा। दूसरी ओर किसानों ने अपना
प्रदर्शन स्थगित नहीं किया है। किसानों ने कहा प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

बैरिकेड लगाने से आक्रोशित किसानों ने की थी नारेबाजी

जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन ने किसानों के आक्रोश को देखते हुए पहले
कयाबांधा गांव के थोड़ा आगे बेरिकेड लगाया। किसान बेरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए।
इसके बाद पुलिस ने बरौदा गांव के पास बेरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का
प्रयास किया, लेकिन किसान रुके नहीं। लेकिन एयरपोर्ट से कुछ दूर पहले पुलिस
ने तगड़ा बेरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान नाराज किसानों ने
शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


किसान नेताओं का आंदोलन जारी रहेगा

किसान
नेता तेजराम विद्रोही, रूपन चंद्राकर ने बताया कि राहुल गांधी के छत्तीसगढ़
आगमन को देखते हुए मुलाकात करने के लिए पहले से ही पत्र भेजा था, लेकिन
राज्य शासन ने मिलने का समय नहीं दिया। इसके बाद भी अपनी मांगों को लेकर
जानकारी देने के लिए माना एयरपोर्ट में मुलाकात करके ज्ञापन सौंपना चाहते
थे। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज करके आंदोलन को खत्म
करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। आगे आंदोलन
जारी रहेगा।


इन मांगों को लेकर प्रदर्शन

2005 से
स्वतंत्र भूमि क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाने,
प्रभावित 27 गांव को घोषित नगरीय क्षेत्र की अधिसूचना निरस्त करने, ग्रामीण
बसाहट का पट्टा दिए जाने, प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक वयस्क (18 साल से
ऊपर) को 1,200 वर्गफीट विकसित भूखंड का वितरित करने, मुआवजा प्राप्त नहीं
हुए भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजा का प्रविधान की मांग है।



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