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news raipur:: जमीन का पता नहीं बना ली स्मार्ट सिटी की योजना:

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 रायपुर । रायपुर शहर में रायपुर
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के ढेरों काम लटके पड़े हैं। कई काम तो ऐसे हैं जो
डीपीआर बनने और टेंडर अलाटमेंट के बाद भी शुरु नहीं हो पाए हैं। ऐसे
प्रोजक्ट की लागत बढ़ने से विभाग पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है। जीई रोड पर
बनने वाला ग्रीन कारीडोर और यूथ हब प्रोजेक्ट भी यहां के अफसरों की
कार्यशैली का एक उदाहरण है। साल भर पहले इस प्रोजेक्ट का टेंडर जारी
किया गया था। काम, 18 करोड़ का था। औपचारिकताओें को पूरा किए बिना विभाग ने
डीपीआर तैयार करवाया और टेंडर भी अलाट कर दिया। अब बात जब काम शुरु करने की
आई तब पता चला कि जिस भूमि पर ये काम होना था वो खेल विभाग की है। खेल
विभाग से भूमि को लेने की प्रक्रिया अब जाकर साल भर के बाद पूरी हुई है।
साल भर के बाद प्रोजक्ट की लागत कितनी बढ़ी है, अफसरों के पास फिलहाल इसका
कोई उत्तर नहीं है।


उठती रही अंगुली

रायपुर स्मार्ट सिटी के कामों पर सदा से ही अंगली उठती रही है। कुछ
दिनोें पहले रायपुर सांसद सुनील सोनी ने शहर भ्रमण कर आरएससीएल के कामोें
की समीक्षा की थी। उस समय उन्होेंने सीधा आरोप लगाया कि आरएससीएल केवल
पैसोें की बर्बादी कर रहा है। उन्होेंने ये भी कहा था कि आरएससीएल को जो
काम करना चाहिए, वैसे काम इनकी सूची मेें ही नहीं हैं।

इधर, आरएससीएल
द्वारा यूथ हब और ग्रीन कारीडोर प्रोजक्ट पर काम किया जाना है। विवेकानंद
आश्रम से आमानाका तक ग्रीन कारीडोर विकसित कर यूथ हब बनाने की योजना है।
जबकि, साइंस कॉलेज मैदान में सर्वसुविधायुक्त वेंडिंग जोन बनाने का
प्रस्ताव भी अधर में है। 17.71 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में
जीई रोड का सुंदरीकरण भी किया जाना है। यह काम भी अब तक अधर में लटका हुआ
है।


स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने विवेकानंद आश्रम से आमानाका तक ग्रीन कारीडोर
विकसित कर यूथ हब बनाने की योजना बनाई है। शुरूआत में निर्माण कार्य शुरू
किए गए लेकिन बाद में बंद हो गया। बताया गया कि भूमि का हसस्तांतरण न होने
के कारण विलंब हो रहा है। भूमि, खेल विभाग की है। साल भर तक चली सरकारी
प्रक्रिया के बाद अब जाकर भूमि का हस्तांतरण हो पाया है। अफसरोें का दावा
है कि अब शीघ्र काम शुरु हो जाएगा।  

बदल जाएगी तस्वीर

स्मार्ट
सिटी लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि साइंस कालेज मैदान के पास वेंडिंग
जोन में 65 दुकानें और वेंडिंग कार्ट संचालित किया जाएगा। इसी तरह
आयुर्वेदिक कालेज, साइंस कालेज कैंपस के साथ पंडित रविशंकर शुक्ल विवि
कैंपस को विकसित किया जाएगा। वर्तमान में जीई रोड के किनारे वेंडिंग जोन
है। इसे व्यवस्थित करने की योजना है ताकि लोगों को परेशानी न हो। जीई रोड
को भव्य, आकर्षक और जनसुविधा अनुरूप विकसित किए जाने की इस योजना के पूरा
हो जाने के बाद क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।


समता कालोनी, चौबे कालोनी, दीनदयाल उपाध्याय नगर, मंगल बाजार,
रोहणीपुरम, कोटा, सुंदर नगर, टाटीबंध, तात्यापारा, विवेकानंद आश्रम,
रामकुंड क्षेत्र सहित शहर के समीपवर्ती क्षेत्र के निवासियों को उन्नात
सुविकसित क्षेत्र का लाभ मिलेगा और निर्धन परिवारों को अपनी आजीविका के
संचालन के लिए एक सर्वसुविधायुक्त वेंडिंग जोन की सुविधा प्राप्त होगी।

खेल विभाग का जमीन का हो गया हस्तांतरण

खेल विभाग की जमीन का हस्तांतरण हो गया है। जल्द से जल्द जीई रोड में लैंड स्केपिंग समेत दूसरे काम किए जाएंगे।

-चंद्रकांत वर्मा, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर स्मार्ट सिटी


 

 

 


 रायपुर । रायपुर शहर में रायपुर
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के ढेरों काम लटके पड़े हैं। कई काम तो ऐसे हैं जो
डीपीआर बनने और टेंडर अलाटमेंट के बाद भी शुरु नहीं हो पाए हैं। ऐसे
प्रोजक्ट की लागत बढ़ने से विभाग पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है। जीई रोड पर
बनने वाला ग्रीन कारीडोर और यूथ हब प्रोजेक्ट भी यहां के अफसरों की
कार्यशैली का एक उदाहरण है। साल भर पहले इस प्रोजेक्ट का टेंडर जारी
किया गया था। काम, 18 करोड़ का था। औपचारिकताओें को पूरा किए बिना विभाग ने
डीपीआर तैयार करवाया और टेंडर भी अलाट कर दिया। अब बात जब काम शुरु करने की
आई तब पता चला कि जिस भूमि पर ये काम होना था वो खेल विभाग की है। खेल
विभाग से भूमि को लेने की प्रक्रिया अब जाकर साल भर के बाद पूरी हुई है।
साल भर के बाद प्रोजक्ट की लागत कितनी बढ़ी है, अफसरों के पास फिलहाल इसका
कोई उत्तर नहीं है।


उठती रही अंगुली

रायपुर स्मार्ट सिटी के कामों पर सदा से ही अंगली उठती रही है। कुछ
दिनोें पहले रायपुर सांसद सुनील सोनी ने शहर भ्रमण कर आरएससीएल के कामोें
की समीक्षा की थी। उस समय उन्होेंने सीधा आरोप लगाया कि आरएससीएल केवल
पैसोें की बर्बादी कर रहा है। उन्होेंने ये भी कहा था कि आरएससीएल को जो
काम करना चाहिए, वैसे काम इनकी सूची मेें ही नहीं हैं।

इधर, आरएससीएल
द्वारा यूथ हब और ग्रीन कारीडोर प्रोजक्ट पर काम किया जाना है। विवेकानंद
आश्रम से आमानाका तक ग्रीन कारीडोर विकसित कर यूथ हब बनाने की योजना है।
जबकि, साइंस कॉलेज मैदान में सर्वसुविधायुक्त वेंडिंग जोन बनाने का
प्रस्ताव भी अधर में है। 17.71 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में
जीई रोड का सुंदरीकरण भी किया जाना है। यह काम भी अब तक अधर में लटका हुआ
है।


स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने विवेकानंद आश्रम से आमानाका तक ग्रीन कारीडोर
विकसित कर यूथ हब बनाने की योजना बनाई है। शुरूआत में निर्माण कार्य शुरू
किए गए लेकिन बाद में बंद हो गया। बताया गया कि भूमि का हसस्तांतरण न होने
के कारण विलंब हो रहा है। भूमि, खेल विभाग की है। साल भर तक चली सरकारी
प्रक्रिया के बाद अब जाकर भूमि का हस्तांतरण हो पाया है। अफसरोें का दावा
है कि अब शीघ्र काम शुरु हो जाएगा।  

बदल जाएगी तस्वीर

स्मार्ट
सिटी लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि साइंस कालेज मैदान के पास वेंडिंग
जोन में 65 दुकानें और वेंडिंग कार्ट संचालित किया जाएगा। इसी तरह
आयुर्वेदिक कालेज, साइंस कालेज कैंपस के साथ पंडित रविशंकर शुक्ल विवि
कैंपस को विकसित किया जाएगा। वर्तमान में जीई रोड के किनारे वेंडिंग जोन
है। इसे व्यवस्थित करने की योजना है ताकि लोगों को परेशानी न हो। जीई रोड
को भव्य, आकर्षक और जनसुविधा अनुरूप विकसित किए जाने की इस योजना के पूरा
हो जाने के बाद क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।


समता कालोनी, चौबे कालोनी, दीनदयाल उपाध्याय नगर, मंगल बाजार,
रोहणीपुरम, कोटा, सुंदर नगर, टाटीबंध, तात्यापारा, विवेकानंद आश्रम,
रामकुंड क्षेत्र सहित शहर के समीपवर्ती क्षेत्र के निवासियों को उन्नात
सुविकसित क्षेत्र का लाभ मिलेगा और निर्धन परिवारों को अपनी आजीविका के
संचालन के लिए एक सर्वसुविधायुक्त वेंडिंग जोन की सुविधा प्राप्त होगी।

खेल विभाग का जमीन का हो गया हस्तांतरण

खेल विभाग की जमीन का हस्तांतरण हो गया है। जल्द से जल्द जीई रोड में लैंड स्केपिंग समेत दूसरे काम किए जाएंगे।

-चंद्रकांत वर्मा, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर स्मार्ट सिटी


 

 

 


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