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news raipur:: आदिवासी समाज बूढ़ा तालाब पर जुटे, सीएम आवास का करेंगे घेराव:

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 रायपुर । छत्तीसगढ़ के आदिवासी
समाज के अधिकारी व कर्मचारियों ने आरक्षण बहाली को लेकर अपना
विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार को राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब
धरना स्थल पर भारी संख्या में जुटे आदिवासी समाज के अधिकारी और कर्मचारी ने
अपनी मांग को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इसके अलावा कई जिला
मुख्यालय में आरक्षण को लेकर प्रदर्शन जारी है। दूसरी ओर राजधानी में शाम
चार बजे मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए प्रदर्शनकारी कूच करेंगे। आदिवासी
समाज के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आरक्षण हम लेकर रहेंगे। यहां लड़ाई
अंतिम नहीं है। यह आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से
राजधानी में आरक्षण को लेकर एकजुटता दिखाई हैं, उसी तरह आगे भी दिखाने की
जरूरत है। तभी एक सशक्त समाज का निर्माण होगा।


संविधान में दिए आरक्षण को हटाना चाह रही है सरकार

आदिवासी समाज के कर्मचारियों और नेताओं ने कहा कि आरक्षण हमारे संविधान
में दिया गया है। ऐसे में सरकार इसको हटाना चाहती है, लेकिन हम ऐसा होने
नहीं देंगे। इसके लिए लड़ाई केंद्र और राज्य सरकार से भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आज आरक्षण नहीं मिलने के कारण समाज के लोग आगे नहीं नहीं
बढ़ पा रहे हैं। जबकि यह आरक्षण आगे बढ़ाना चाहिए, लेकिन कई वर्षों से रोक
दिया गया है। जिसके कारण आदिवासी समाज के अधिकारियों और कर्मचारियों
को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे उनको नुकसान हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन को भीम आर्मी छत्तीसगढ़, अनुसूचित जनजाति कर्मचारी
संघ, बौद्ध महासभा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत कई संगठनों का समर्थन
प्राप्त है।


 


 रायपुर । छत्तीसगढ़ के आदिवासी
समाज के अधिकारी व कर्मचारियों ने आरक्षण बहाली को लेकर अपना
विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार को राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब
धरना स्थल पर भारी संख्या में जुटे आदिवासी समाज के अधिकारी और कर्मचारी ने
अपनी मांग को लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इसके अलावा कई जिला
मुख्यालय में आरक्षण को लेकर प्रदर्शन जारी है। दूसरी ओर राजधानी में शाम
चार बजे मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए प्रदर्शनकारी कूच करेंगे। आदिवासी
समाज के कर्मचारी नेताओं का कहना है कि आरक्षण हम लेकर रहेंगे। यहां लड़ाई
अंतिम नहीं है। यह आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से
राजधानी में आरक्षण को लेकर एकजुटता दिखाई हैं, उसी तरह आगे भी दिखाने की
जरूरत है। तभी एक सशक्त समाज का निर्माण होगा।


संविधान में दिए आरक्षण को हटाना चाह रही है सरकार

आदिवासी समाज के कर्मचारियों और नेताओं ने कहा कि आरक्षण हमारे संविधान
में दिया गया है। ऐसे में सरकार इसको हटाना चाहती है, लेकिन हम ऐसा होने
नहीं देंगे। इसके लिए लड़ाई केंद्र और राज्य सरकार से भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आज आरक्षण नहीं मिलने के कारण समाज के लोग आगे नहीं नहीं
बढ़ पा रहे हैं। जबकि यह आरक्षण आगे बढ़ाना चाहिए, लेकिन कई वर्षों से रोक
दिया गया है। जिसके कारण आदिवासी समाज के अधिकारियों और कर्मचारियों
को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे उनको नुकसान हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि आंदोलन को भीम आर्मी छत्तीसगढ़, अनुसूचित जनजाति कर्मचारी
संघ, बौद्ध महासभा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत कई संगठनों का समर्थन
प्राप्त है।


 


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