रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार जंगली हाथियों का दल
फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही मकान और मकान से सटे बागों में
लगे पेड़ों को तोड़ देते हैं। इसके अलावा ग्रामीणों पर हमला कर जान भी ले
लेते हैं। इससे बचने के लिए छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक
के ग्राम महुली के रामलाल लहरे ने छत्तीसगढ़ शासन तथा वन विभाग को मिर्च से
हाथियों को भगाने का आईडिया दिया है।
छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग,
ग्राम पंचायत तथा किसानों के पहल कर जंगल से लगे सीमा पर जईया मिर्च के
पौधों की कतारबद्ध पौधे के फल खाने खाने के तीखेपन और जलन से हाथी जंगल की
ओर भाग जाएंगे। जिससे फसल की क्षति बच सकेगी। वहीं हाथियों का दल जहां डेरा
डाले हैं, वहां जइया मिर्च की जलाने से होने वाले धुएं से हाथी वापस भाग
जाएंगे। जब जंगली हाथी आक्रामक होकर गांव की ओर बढ़ने लगें तब जईया मिर्च के
पाउडर को वाटर कैनन टैंक में डालकर लगातार हाथियों के दल पर पानी का बौछार
भी किया जा सकता है। इससे हाथी वापस जंगल की ओर चले जाएंगे।
रामलाल
लहरे 'प्रयास' आवासीय विद्यालय, गुढ़ियारी रायपुर से हाईस्कूल तथा शासकीय
नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय रायपुर से बायोटेक्नोलाजी में
पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साथ ही वे कालेज में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' तथा गोल्ड
मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। वे वर्तमान में एग्री बिजनेस को बढ़ाने के लिए
भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ सोशल जस्टिस के महत्वाकांक्षी योजना 'आंबेडकर
सोशल इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन मिशन' के तहत के.आईआईटी टीबीआई ओडिशा से
मिलकर काम कर रहें हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार जंगली हाथियों का दल
फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही मकान और मकान से सटे बागों में
लगे पेड़ों को तोड़ देते हैं। इसके अलावा ग्रामीणों पर हमला कर जान भी ले
लेते हैं। इससे बचने के लिए छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लाक
के ग्राम महुली के रामलाल लहरे ने छत्तीसगढ़ शासन तथा वन विभाग को मिर्च से
हाथियों को भगाने का आईडिया दिया है।
छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग,
ग्राम पंचायत तथा किसानों के पहल कर जंगल से लगे सीमा पर जईया मिर्च के
पौधों की कतारबद्ध पौधे के फल खाने खाने के तीखेपन और जलन से हाथी जंगल की
ओर भाग जाएंगे। जिससे फसल की क्षति बच सकेगी। वहीं हाथियों का दल जहां डेरा
डाले हैं, वहां जइया मिर्च की जलाने से होने वाले धुएं से हाथी वापस भाग
जाएंगे। जब जंगली हाथी आक्रामक होकर गांव की ओर बढ़ने लगें तब जईया मिर्च के
पाउडर को वाटर कैनन टैंक में डालकर लगातार हाथियों के दल पर पानी का बौछार
भी किया जा सकता है। इससे हाथी वापस जंगल की ओर चले जाएंगे।
रामलाल
लहरे 'प्रयास' आवासीय विद्यालय, गुढ़ियारी रायपुर से हाईस्कूल तथा शासकीय
नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय रायपुर से बायोटेक्नोलाजी में
पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साथ ही वे कालेज में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' तथा गोल्ड
मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। वे वर्तमान में एग्री बिजनेस को बढ़ाने के लिए
भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ सोशल जस्टिस के महत्वाकांक्षी योजना 'आंबेडकर
सोशल इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन मिशन' के तहत के.आईआईटी टीबीआई ओडिशा से
मिलकर काम कर रहें हैं।



Journalist खबरीलाल














