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News Koriya (Shreekant Jaiswal) :: फिर से शुरू हुआ अवैध मवई नदी का सीना छलनी कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का कार्य:

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श्री कांत जायसवाल/बैकुठपुर/ जिला के विकासखंड भरतपुर के संरक्षित क्षेत्र हरचोका में फिर से शुरू हुआ अवैध मवई नदी का सीना छलनी कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।रेत  ठेकेदारों के द्वारा नियम कानूनों को दरकिनार कर न केवल नदियों का स्वरूप बदल रहे बल्कि, नदी के किनारे मुरूम से रोड बना कर रेत उत्खनन किया जा रहा है।स्वीकृत (निर्धारित) स्थल से रेत न निकाल कर दूसरे जगह से पोकलेन मशीन से रेत उत्खनन कर रहे है। राजस्व के साथ साथ पर्यवारण को नुकशान पहुचा रहे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से कोई भी नहीं रोक रहा बल्कि उनके इस काम में उनका साथ दे रहे है। जबकि विगत कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध रेत उत्खनन पर ठोस कार्यवाही करने के लिए कलेक्टर और एसपी को आदेशित किया गया है। इसके बावजूद भी रेत माफिया रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और लगातार हरचोका के मवई नदी से रेत उत्खनन कर रहे हैं।


जबकि इसके पूर्व में ग्राम पंचायत हरचोका में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर अवैध रेत की सभी प्रकार की लीज निरस्त कर गई कर दी गई थी। जबकि ग्राम पंचायत हरचोका में दिनांक 13 फरवरी 2021 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिस पर बताया गया था कि वर्ष 2015-16 में रेत खदान के लिए लीच के लिए प्रस्ताव दिया गया था जिसे 13 फरवरी 2021 को विशेष ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि इस रेत खदान को निरस्त किया जाता है। कुल 11 बिंदुओं के साथ इस रेत उत्खनन के प्रस्ताव को निरस्त किया गया।


जहां हरचोका के ग्रामीणों के द्वारा जल्दी अवैध रेत उत्खनन को लेकर आंदोलन करने की तैयारी बना रहे हैं। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों के द्वारा रेत ठेकेदारों के साथ मिलकर अवैध रेत उत्खनन करवाया जा रहा है। जिस पर प्रशासन पूरी तरह मौन बैठा हुआ है और रेत ठेकेदारों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि राम वन गमन पथ हरचोका एक संरक्षित क्षेत्र है और वहां से रेत उत्खनन नहीं करने दिया जाएगा यदि रेत उत्खनन बंद नहीं होता है तो ग्रामीण जल्द उग्र आंदोलन करने की तैयारी बना रहे हैं।


इस अवैध रेत खनन को लेकर कोरिया कलेक्टर को जल्द संज्ञान में लेते हुए इन अवैध रेत कारोबारियों पर कार्यवाही करना चाहिए जो पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहे हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।


श्री कांत जायसवाल/बैकुठपुर/ जिला के विकासखंड भरतपुर के संरक्षित क्षेत्र हरचोका में फिर से शुरू हुआ अवैध मवई नदी का सीना छलनी कर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।रेत  ठेकेदारों के द्वारा नियम कानूनों को दरकिनार कर न केवल नदियों का स्वरूप बदल रहे बल्कि, नदी के किनारे मुरूम से रोड बना कर रेत उत्खनन किया जा रहा है।स्वीकृत (निर्धारित) स्थल से रेत न निकाल कर दूसरे जगह से पोकलेन मशीन से रेत उत्खनन कर रहे है। राजस्व के साथ साथ पर्यवारण को नुकशान पहुचा रहे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से कोई भी नहीं रोक रहा बल्कि उनके इस काम में उनका साथ दे रहे है। जबकि विगत कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध रेत उत्खनन पर ठोस कार्यवाही करने के लिए कलेक्टर और एसपी को आदेशित किया गया है। इसके बावजूद भी रेत माफिया रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और लगातार हरचोका के मवई नदी से रेत उत्खनन कर रहे हैं।


जबकि इसके पूर्व में ग्राम पंचायत हरचोका में विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर अवैध रेत की सभी प्रकार की लीज निरस्त कर गई कर दी गई थी। जबकि ग्राम पंचायत हरचोका में दिनांक 13 फरवरी 2021 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिस पर बताया गया था कि वर्ष 2015-16 में रेत खदान के लिए लीच के लिए प्रस्ताव दिया गया था जिसे 13 फरवरी 2021 को विशेष ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि इस रेत खदान को निरस्त किया जाता है। कुल 11 बिंदुओं के साथ इस रेत उत्खनन के प्रस्ताव को निरस्त किया गया।


जहां हरचोका के ग्रामीणों के द्वारा जल्दी अवैध रेत उत्खनन को लेकर आंदोलन करने की तैयारी बना रहे हैं। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों के द्वारा रेत ठेकेदारों के साथ मिलकर अवैध रेत उत्खनन करवाया जा रहा है। जिस पर प्रशासन पूरी तरह मौन बैठा हुआ है और रेत ठेकेदारों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि राम वन गमन पथ हरचोका एक संरक्षित क्षेत्र है और वहां से रेत उत्खनन नहीं करने दिया जाएगा यदि रेत उत्खनन बंद नहीं होता है तो ग्रामीण जल्द उग्र आंदोलन करने की तैयारी बना रहे हैं।


इस अवैध रेत खनन को लेकर कोरिया कलेक्टर को जल्द संज्ञान में लेते हुए इन अवैध रेत कारोबारियों पर कार्यवाही करना चाहिए जो पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहे हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।


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