रायपुर । सत्तारूढ़ कांग्रेस ने खैरागढ़
उपचुनाव में खैरागढ़ को जिला बनाने की घोषणा की है। इससे प्रदेश में नए
जिलों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की उम्मीद बढ़ गई है। बस्तर से
लेकर सरगुजा तक करीब आधा दर्जन नए जिलों की मांग हो रही है। इनमें से कुछ
जिले बनाने की मांग तो करीब एक दशक से की जा रही है। कटघोरा को जिला बनाने
की मांग को लेकर करीब 224 दिनों से आंदोलन चल रहा है।
नगर में पत्थलगांव, कांकेर में अंतागढ़ व भानुप्रतापपुर को जिला बनाने की
मांग करीब पांच वर्ष से की जा रही है। सुकमा के जगरगुंडा को जिला बनाने की
मांग स्थानीय स्तर पर हुई है। सरगुजा संभाग में प्रतापपुर-वाड्रफनगर के साथ
राजपुर और इधर भाटापारा को भी जिला बनाने की मांग पुरजोर तरीके से की जा
रही है।
जिला बनाने के लिए बड़े बजट की जरूरत पड़ती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद
से सेवानिवृत्त (आइएएस) बीकेएस रे के अनुसार नए जिला की स्थापना के लिए
वहां कार्यालय से लेकर पूरा सेटअप तैयार करना पड़ता है। अधिकांश्ा मामलों
में पहले पुराने भवनों में ही कार्यालय श्ाुरू किए जाते हैं, फिर धीरे-धीरे
नए भवन बनाए जाते हैं। जिला की स्थापना पर कितना खर्च होगा इसका कोई
मापदंड नहीं है। यह कई बातों पर निर्भर करता है। इसमें प्रस्तावित जिला का
क्षेत्रफल, आबादी और भौगोलिक स्थिति के साथ अधोसंरचना की उपलब्धता आदि
श्ाामिल है।
ने चार नए जिलों मानपुर-मोहला-चौकी, सक्ती, सारंगढ़ - बिलाईगढ़ और
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की स्थापना की घोषणा की है। इसकी प्रक्रिया चल
रही है। इन जिलों के लिए सरकार अब तक 15 सौ से ज्यादा पद स्वीकृत कर चुकी
है। इसमें पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट में जिला कार्यालय और
भू-अभिलेख कार्यालय के लिए 252 व 156 पद मंजूर किए थे। चालू वित्तीय वर्ष
के बजट में 11 सौ पदों को मंजूरी दी गई है।
रायपुर । सत्तारूढ़ कांग्रेस ने खैरागढ़
उपचुनाव में खैरागढ़ को जिला बनाने की घोषणा की है। इससे प्रदेश में नए
जिलों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की उम्मीद बढ़ गई है। बस्तर से
लेकर सरगुजा तक करीब आधा दर्जन नए जिलों की मांग हो रही है। इनमें से कुछ
जिले बनाने की मांग तो करीब एक दशक से की जा रही है। कटघोरा को जिला बनाने
की मांग को लेकर करीब 224 दिनों से आंदोलन चल रहा है।
नगर में पत्थलगांव, कांकेर में अंतागढ़ व भानुप्रतापपुर को जिला बनाने की
मांग करीब पांच वर्ष से की जा रही है। सुकमा के जगरगुंडा को जिला बनाने की
मांग स्थानीय स्तर पर हुई है। सरगुजा संभाग में प्रतापपुर-वाड्रफनगर के साथ
राजपुर और इधर भाटापारा को भी जिला बनाने की मांग पुरजोर तरीके से की जा
रही है।
जिला बनाने के लिए बड़े बजट की जरूरत पड़ती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद
से सेवानिवृत्त (आइएएस) बीकेएस रे के अनुसार नए जिला की स्थापना के लिए
वहां कार्यालय से लेकर पूरा सेटअप तैयार करना पड़ता है। अधिकांश्ा मामलों
में पहले पुराने भवनों में ही कार्यालय श्ाुरू किए जाते हैं, फिर धीरे-धीरे
नए भवन बनाए जाते हैं। जिला की स्थापना पर कितना खर्च होगा इसका कोई
मापदंड नहीं है। यह कई बातों पर निर्भर करता है। इसमें प्रस्तावित जिला का
क्षेत्रफल, आबादी और भौगोलिक स्थिति के साथ अधोसंरचना की उपलब्धता आदि
श्ाामिल है।
ने चार नए जिलों मानपुर-मोहला-चौकी, सक्ती, सारंगढ़ - बिलाईगढ़ और
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की स्थापना की घोषणा की है। इसकी प्रक्रिया चल
रही है। इन जिलों के लिए सरकार अब तक 15 सौ से ज्यादा पद स्वीकृत कर चुकी
है। इसमें पिछले वित्तीय वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट में जिला कार्यालय और
भू-अभिलेख कार्यालय के लिए 252 व 156 पद मंजूर किए थे। चालू वित्तीय वर्ष
के बजट में 11 सौ पदों को मंजूरी दी गई है।



Journalist खबरीलाल














